गुरुवार, 20 सितंबर 2012

पत्‍नी ने कराया पति का दूसरा विवाह

दाये रवि वर्मा , बीच में पायल दूसरी पत्‍नी  एवं बायें भावना पहली पत्‍नी

        चौकिये मत, यह सच है कि आध‍ुनिक जमाने की नारी श्रीमती भावना अपने पति रवि वर्मा का इसलिए दूसरा विवाह करा दिया कि उन्‍हें बार-बार अपने पति को संतान नहीं होने की पीड़ा से आहत होते देखना पसंद नहीं था। यह अपने आप में सामाजिक बदलाव की बड़ी मिसाल है अन्‍यथा पत्‍नी कभी भी अपने पतियों को किसी महिला के साथ कदमताल करना तो दूर अगर हंसते हुए बात कर लें, तो ही पत्‍नी को नागवार गुजरता है। ऐसी स्थिति में मप्र की औद्योगिक नगरी इंदौर में रहने वाली एक आम घरेलू महिला भावना वर्मा ने लंबे समय तक जब संतान को जन्‍म नहीं दिया तो उन्‍हें भीतर ही भीतर गिलानी होने लगी, यहां तक कि घर परिवार में भी पति को संतान नहीं होने पर बेहद दुखी अवस्‍था में देखने पर पत्‍नी ने भीतर ही भीतर तय किया कि वह अपने पति का दूसरा विवाह रचायेगी ताकि पति बाप बन सके। इसके लिए लड़की की तलाश हुई और पायल नामक युवती से रवि वर्मा की शादी करा दी गई। इस शादी के बाद पायल के घर वालों ने अपनी बेटी की जबरन शादी कराने का मामला थाने में दर्ज करा दिया। खुशियों के बीच पुलिस पहुंच गई और देखते ही देखते मामला गंभीर हो गया। अंतत: रवि वर्मा की दूसरी पत्‍नी पायल सामने आई और उसने बयान दिया कि वह अपनी मर्जी से शादी करके पति के साथ रह रही हैं। 
मिसाल पेश की महिला ने : 
दूसरी पत्‍नी पायल के साथ रवि
         अमूमन भारतीय महिलाएं अपना नजरिया आज भी बदलने को तैयार नहीं है। यह सच है कि उदारीकरण ने महिलाओं की सोच में आंशिक बदलाव आया है अब हर कहीं महिलाएं तेजी से दौड़ती नजर आती हैं, लेकिन आज भी महिला का अपने पति पर कब्‍जा जैसी प्रवृत्ति यथावत कायम है। शादी के बाद महिला को लगता है कि पति उसके अलावा किसी का नहीं हो सकता है। यह सच भी है कि शादी के बंधन में बंधने के बाद अमूमन अधिकांश पुरूष परिवार और समाज में घुल मिल जाते हैं। एक्‍का- दुक्‍का पुरूष ही इधर उधर परेशान हाल में नजर आते हैं। इसके बाद भी महिलाओं के नजरिए में कोई बदलाव नहीं आ रहा है। ऐसे वातावरण में इंदौर की भावना नामक महिला ने जो निर्णय किया है वह अपने आप में इतिहास बना गया और समाज में नई रोशनी का आगाज करेगा।
पहली पत्‍नी भावना वर्मा

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